धर्मो रक्षति रक्षितः पूर्ण श्लोक और अर्थ
आपमें से बहुत से लोगों ने यह प्रसिद्ध वाक्य सुना होगा ~ “धर्मो रक्षति रक्षितः” यह वाक्य दो प्रमुख स्रोतों से उद्धृत हुआ है ~ एक महाभारत के वनपर्व (313/128) से और दूसरा मनुस्मृति के अष्टम अध्याय (8.15) से। पूरा श्लोक धर्म एव हतो हन्ति धर्मो रक्षति रक्षितः। तस्माद् धर्मो न हन्तव्यो मा नो धर्मो … Read more
